धर्म दर्शन

जानिए सावन को क्यों कहते हैं प्रेम का महीना, क्या है इसका बारिश से रिश्ता...

नई दिल्ली :  सावन भगवान शिव का प्रिय महीना है, इस माह में शिव की पूजा करने से ही आपको फल की प्राप्ति होगी, यही नहीं अगर आप अपने घर के कलह से परेशान है या अपने व्यवसाय को लेकर चिंतित है या घर के वास्तु दोष से दुखी है तो परेशान मत होइये भोलेनाथ की पूजा कीजिये आपके सारे कष्ट दूर हो जाएंगे। सावन में शिव पूजन कर जीवन

सावन की धूम में मोदी-योगी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहने नजर आ रहे कांवड़िये...

नई दिल्ली :   सावन का महीना शुरू होते ही सड़कों पर कांवड़िये की भीड़ दिखाई देने लगी है। लेकिन इस बार के कांवड़िये थोड़े अलग नजर आ रहे हैं। खासकर उन्होंने जो टी-शर्ट पहन रखी है वो अलग ही है। क्योंकि इस साल के कांवड़िये को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीरों वाली रंगीन टी-शर्ट पहने हुए देखा जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक

जानिए सावन का महीना शिव को इतना प्रिय क्यों होता है...

लखनऊ :   सावन का महीना पवन के जोर, जियरर झूमे ऐसे जैसे बन में नाचे मोर। ऐ एक फिल्मी गीत की लाइन है, किन्तु इसमें जो भाव छिपे हैं, उन्हें समझिये। सावन के महीने में इन्सान हो या पक्षी सभी झूमकर नाचते हुये प्राकृतिक आनन्द का रसपान करते है तो भला शिव को सावन क्यों न पसन्द हो। महादेव को श्रावण मास वर्ष का सबसे प्रिय महीना लगता है। क्योंकि

सावन के सभी सोमवार को  शिव पूजा करने का सही तरीका...

नई दिल्ली :    भगवान शिव की भक्ति, पूजा, आराधना का पवित्र माह श्रावण 17 जुलाई से शुरू हो रहा है। इस बार श्रावण में चार सोमवार आएंगे। जुलाई माह में 22 और 29 को तथा अगस्त माह में 5 और 12 को। शिव की पूजा में सोमवार का विशेष महत्व है। वैसे तो भगवान शिव को प्रसन्न् करने के लिए पूरे श्रावण माह में विशेष पूजा की जाती है,

सावन 2019 :  इस पवित्र शिवलिंग का बदलता रहता है रंग...

इलाहाबाद :    प्रयागराज के शिवकुटी इलाके में भगवान शिव का एक अनुपम मंदिर है। इस मंदिर में स्थापित शिवलिंग को भक्तवत्सल महादेव के नाम से जाना जाता है। लेकिन, बाबा भक्तवत्सल महादेव की स्थापना को लेकर एक बेहद ही दिलचस्प व धार्मिक घटनाक्रम जुड़ा हुआ है, जो इनकी ख्याति और महात्म्य को बहुत अधिक बढ़ा देता है। दरअसल बाबा भक्तवत्सल महादेव नेपाल से आए हुए हैं और उनकी स्थापना

सावन में अपनी राशि के अनुसार रूद्राक्ष करें धारण...

नई दिल्ली :   भगवान शिव की प्रिय वस्तुओं में सबसे प्रमुख है रूद्राक्ष। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की आंख से आंसू गिरने से रूद्राक्ष की उत्पत्ति हुई है। इसलिए रूद्राक्ष धारण करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इसे धारण करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रूद्राक्ष धारण करने से आध्यात्मिक, भौतिक, मानसिक और शारीरिक लाभ प्राप्त है। इससे न केवल अनेक रोगों में आराम

सावन माह में  शिव को मनाने के लिए सोमवार को इस प्रकार करें पूजन...

लखनऊ :  शास्त्रों के अनुसार प्रबोधनी एकादशी से सृष्टि के पालन कर्ता भगवान विष्णु सारी जिम्मेदारियों से मुक्त होकर अपने दिव्य भवन पाताल लोक में विश्राम करने के निकल लेते है और अपना सारा कार्यभार अपने समकक्ष मस्त-मौला अवघड़ बाबा महादेव को सौंप देते है। भगवान भूतनाथ गौरा पार्वती के साथ पृथ्वी लोक पर विराजमान रहकर पृथ्वी वासियों के दुःख दर्द को समझते है एंव उनकी मनोकामनाओं को पूर्ण करते

विश्व में केवल तीन जगह है इस तरह का शिव मंदिर...

मुजफ्फरनगर: जनपद मुजफ्फरनगर के तहसील जानसठ क्षेत्र के गांव संभल हेड़ा मैं बना श्री सिद्ध रुद्रेश्वर पशुपतिनाथ पंचमुखी मंदिर अपने आप में बहुत ही खास है, क्योंकि इस तरह के मंदिर विश्व में केवल तीन जगह पाए जाते हैं। नंबर एक जनपद मुजफ्फरनगर के संभल हेड़ा में है, जो मुजफ्फरनगर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर की दूरी पर बसा हुआ है। दूसरा मंदिर नेपाल के काठमांडू में और तीसरा मंदिर

जानिए सावन में महिलाएं क्यों पहनती हैं हरी चूड़ियां और लगवाती हैं मेंहदी?...

नई दिल्ली  :  वैसे तो धार्मिक लिहाज से ये महीना तो काफी महत्वपूर्ण है ही साथ ही वैज्ञानिक और प्रेम के दृष्टिकोण से भी ये माह काफी मायने रखता है, इस वक्त आकाश से बारिश होती है, जिससे धरती पर शीतलता रहती है, चारों ओर हरियाली ही हरियाली नजर आती है जो कि आंखों और दिल को सकून देते हैं, इस महीने में एक और खास बात देखने को मिलती

सावन माह में शुरू हुए पंचक, ये चीजें करने से रहें कोसों दूर...

नई दिल्ली  :  सावन माह के पवित्र मात्र में पंचक भी शुरू हो रहा है। आज दोपहर 2 बजकर 58 मिनट से पंचक शुरू हो जाएगा यानि कि कोई भी शुभ कार्य इस दौरान नहीं किए जा सकेंगे। यह पंचक 24 जुलाई दोपहर 3 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। इस बार शुक्रवार को पंचक पड़ रहे है। जिसके कारण इसे ‘चोर पंचक’ कहा जाएगा। इस दिन यात्रा करने की मनाही