धर्म दर्शन

कर्ज से पाना है छुटकारा तो अपनी राशि अनुसार करें यह उपाय

नई दिल्ली : पैसा इंसान की हर छोटी बड़ी इच्छा को पूरा करता है। हालांकि इसे कमाना इतना आसान नहीं होता, इसके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।कई लोग ईमानदारी से कमाने में विश्वास रखते हैं तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो शॉर्टकर्ट अपनाने के चक्कर में गलत रास्ते पर चल पड़ते हैं। वहीं कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जिनकी आमदनी उतनी नहीं होती लेकिन खर्चे अधिक होते

जानिए किन राशियों की खुलने वाली है किस्मत

नई दिल्ली : ग्रहों के राजा सूर्य देव ने 16 नवंबर, 2018, शुक्रवार शाम 6 बजकर 48 मिनट पर वृश्चिक राशि में गोचर किया है जहां पहले से ही देवगुरु बृहस्पति मौजूद हैं। चूंकि सूर्य एक राशि में एक महीने तक विराजमान रहते हैं इसलिए इस राशि में ये 16 दिसंबर, 2018, रविवार की सुबह 9 बजकर 25 मिनट तक उपस्थित रहेंगे।सूर्य और गुरु का एक साथ होना सभी 12

जा रहे है मंदिर तो रखें कुछ खास बातों का ध्यान

नई दिल्ली : मंदिर को हम भगवान का घर मानते हैं। यहां पर किसी भी मज़हब या जाति के लोग आकर देवी देवताओं के दर्शन कर सकते हैं और अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए प्रार्थना कर सकते हैं। वैसे तो भगवान के दर्शन करने या उनके दरबार में हाज़िरी लगाने का कोई समय नहीं होता लेकिन कुछ नियम ज़रूर होते हैं जिनका पालन करना ज़रूरी होता है। ख़ासतौर पर अगर

गर्भावस्था में मुसीबतों की ओर इशारा करती है स्त्रियों के हाथों की यह रेखा

नई दिल्ली : हमारे हाथों की रेखाएं हमारे भाग्य के बारे में बहुत कुछ बताती हैं जैसे हमारा आने वाला कल कैसा होगा, वैवाहिक जीवन में खुशियां आएंगी या नहीं, हमारी कितनी संतान होंगी। यहां तक कि अगर संतान प्रप्ति में कोई बाधा है तो वो भी हमारी हस्त रेखाओं से जाना जा सकता है। हमारी हस्त रेखाएं हमें हमारे उज्जवल भविष्य की जानकारी देती हैं तो कई बार हमारे

जानिए क्यों मनाया जाता है गोपाष्टमी का त्यौहार

नई दिल्ली : गोपाष्टमी हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की आठवीं तिथि को मनाया जाता है। इस साल ये पर्व शुक्रवार 16 नवंबर को मनाया जाएगा। इस त्योहार पर हिंदुओं में सबसे पवित्र माने जाने वाले पशु गाय की पूजा की जाती है और उन्हें सम्मान दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि 33 करोड़ देवी देवताओं का वास उनके शरीर में है। ये गाय की शुद्धता

इस वजह से छठ पर महिलाएं लगाती हैं लंबा गाढ़ा पीला सिंदूर!

नई दिल्ली : दिवाली के जश्न के बाद, उत्तर भारत में छठ पूजा की धूम शुरू हो जाती है। छठ को महाव्रत कहा जाता है जो चार दिनों तक चलता है और दुनिया के सबसे कठिन व्रतों में इसकी गिनती की जाती है। इस पूजा में महिलाएं अपने परिवार और सुहाग के लिए 36 घंटों का कठोर निर्जला व्रत रखती हैं। यह हर साल दिवाली के छह दिनों के बाद

देवगुरु बृहस्पति ग्रह आज हो रहे हैं अस्त, बढ़ने वाली है इन राशियों की मुश्किलें

नई दिल्ली : ज्योतिष शास्त्र में बृहस्पति देव को बहुत ही महत्वपूर्ण माना गया है क्योंकि इन्हें समस्त देवताओं का गुरु और मार्गदर्शक कहा जाता है। आपको बता दें आज यानी 13 नवंबर, 2018, मंगलवार को देवगुरु अस्त होने जा रहे हैं इसलिए सभी बारह राशियों पर इसका अलग अलग प्रभाव पड़ेगा। कहते हैं बृहस्पति के अस्त होने से अच्छे अच्छों की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है और मनुष्य बेकार

जानिए क्या कहती है हमारे पैरों की रेखाएं

नई दिल्ली : हमारे हाथों की रेखाएं हमारे बारे में बहुत कुछ बताती हैं। कहा जाता है कि हमारे हाथों की रेखा में हमारे भूत और भविष्य के कई राज छुपे होते हैं। हालांकि हमारे पैरों की रेखाएं भी हमारा भविष्य बताती हैं।समुद्रशास्त्र में पैरों के तलवे की रेखाएं पढ़ कर भविष्य के बारे में बताया जाता है। अगर आप भी पैरों की रेखाओं के जरिए अपने भविष्य के राज

छठ पूजा 2018 : पूजन की इस विधि से होगी सभी मनोकामना पूर्ण

नई दिल्ली : कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष के चतुर्थी से छठ पूजा आरंभ हो जाती है जो सप्तमी तिथि तक चलती है। चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व का बड़ा ही महत्त्व है। कहते हैं जो भी इस पूजा को सच्चे मन से करता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है इसलिए इस त्योहार को मन्नतों का त्योहार भी कहा जाता है। आपको बता दें इस बार छठ

तिथियों के अनुसार बनती बिगड़ती है भाग्‍य की लकीरें

नई दिल्ली : हस्तरेखा से ज्‍योतिष का एक ऐसा ज्ञान है। जिसके जरिए भूतकाल, वर्तमान और भविष्य तीनों के बारे में पता लगाया जा सकता है। लेकिन आपको जानकर आश्‍चर्य होगा कि जिस तरह समय बदलता रहता है। उसी तरह समय और कर्म के अनुसार मनुष्य की हाथों की रेखाएं और रंग भी बदल जाते हैं। हाथ में होने वाले बदलाव अक्सर शुक्लपक्ष में देखे जा सकते हैं। शुक्लपक्ष में