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जानिए मुगल सम्राट जहाँगीर का इतिहास...

जहांगीर एक रंगीन मिजाज का बेहद शौकीन मुगल बादशाह था, जिसके शान-ओ-शौकत के चर्चे काफी मशहूर थे। हालांकि, मुगल सिंहासन पर बैठने के बाद उसने अपनी कई बुरी आदतों को छोड़ दिया था। जहांगीर का वास्तविक नाम सलीम था, जिसे बाद में जहांगीर की उपाधि दी गई थी। जिसका मतलब था- दुनिया को जीतने वाला। जहांगीर प्रख्यात मुगल शासकों में से एक था, जिसने कई सालों तक मुगल साम्राज्य को

जानिए शूरवीर महाराणा प्रताप का इतिहास...

महाराणा प्रताप भारत के एक सच्चे वीर सपूत और महापराक्रमी योद्धा थे, जिनकी वीरता की गाथा इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखी गई गई है। महाराणा प्रताप की जीवन गाथा शौर्य, साहस, स्वाभिमान, पराक्रम एवं राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है।भारत के गौरव माने जाने वाले शूरवीर महाराणा प्रताप राजस्थान के कुंभलगढ़ के किले में उदयपुर के राणा उदय सिंह एवं महारानी जयवंता बाई के सबसे बड़े पुत्र के रुप

जानिए शेर शाह सूरी का इतिहास...

शेर शाह सूरी उत्तरी भारत के सुर साम्राज्य के संस्थापक थे, जिनमे उनकी राजधानी दिल्ली भी शामिल हैै। 1540 मे शेर शाह ने मुघल साम्राज्य को अपने हाथों में लिया था। 1545 में उनकी अकस्मात् मृत्यु के बाद, उनका बेटा उत्तराधाकारी बना। पहले वह मुग़ल आर्मी के सेनापति बने और फिर बाद में वे बिहार के शासक के रूप में उठ खड़े हुए। 1537 में, जब बाबर का बेटा हुमायूँ

यहां मिली 1800 पुरानी ईंट, उठा इतिहास से पर्दा...

राजधानी से सटे ग्राम रीवा में प्राचीन दीवार की खुदाई का कार्य प्रारंभ किया गया। संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग द्वारा पुरावशेषों के अन्वेषण के लिए शुरू किए गए इस उत्खनन में एक फीट की खुदाई पर ही 18 सौ साल पुरानी ईटें मिली। मौके पर विभाग के संचालक अनिल साहू ने प्राचीन राजिम-सिरपुर पथ पर स्थित स्थल पर पारंपरिक रूप से श्रीफल अर्पित कर खुदाई प्रारंभ की।

ये भी रही है हजारों साल पुरानी सभ्यता, जाने इनके बारे में...

सिल्ला(कोरिया): कोरिया के 3 साम्राज्यों में से एक ‘सिल्ला’ साम्राज्य कभी खूब फला फूला था. सिल्ला की उत्पत्ति 57 ईसापूर्व की मानी जाती है, जो कबीलों में थे, पर बाद में समूचे कोरियाई प्रायद्वीप पर फैल गए खासकर दक्षिण में. इस पर ‘किम’ राजवंश का राज था. ये साम्राज्य सन 935 तक चला, जोकि 992 सालों तक रहा. द इंडस(भारत): ये दुनिया की सबसे विकसित शहरी सभ्यता में से रही

इजराइल में मिला प्राचीन ​फिलिस्तीनी कब्रिस्तान...

इजरायल में एक ऐसा कब्रिस्तान मिला है, जो फलिस्तीनियों के बारे में दुनिया भर की राय बदल देगा। अब तक ये माना जा रहा था कि फलिस्तीनी लोग असभ्य और बर्बर होते थे। उन्हें कला और संस्कृति की थोड़ी भी परख नहीं थी, पर इजरायल में मिले इस कब्रिस्तान में 200 कंकाल मिले हैं, जो तरीके से और बेहद व्यवस्थित तरीके से दफन थे।

जानिये जलियांवाला बाग हत्याकांड में कितने लोग मारे गए थे...

जलियांवाला बाग हत्याकांड के दौरान हुई मौतों की संख्या पर कोई आधिकारिक डेटा नहीं था। लेकिन अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में 484 शहीदों की सूची है, जबकि जलियांवाला बाग में कुल 388 शहीदों की सूची है। ब्रिटिश राज के अभिलेख इस घटना में 200 लोगों के घायल होने और 379 लोगों के शहीद होने की बात स्वीकार करते है जिनमें से 337 पुरुष, 41 नाबालिग लड़के और एक 6-सप्ताह

जानिए जैन धर्म की शिक्षाएं

1. महावीर ने वेदों के एकाधिकार को अस्वीकार किया और वैदिक अनुष्ठानों पर आपत्ति जताई। 2. उन्होंने जीवन के नैतिक मूल्यों की वकालत की। उन्होंने कृषि कार्य को भी पाप माना था क्योंकि इससे पृथ्वी, कीड़े और जानवरों को चोट पहुँचती है। 3. महावीर के अनुसार, तप और त्याग का सिद्धांत उपवास, नग्नता और आत्म यातना के अन्य-उपायों के अभ्यास के साथ जुड़ा हुआ है।

ईश्वरचंद विद्यासागर: विधवा पुनर्विवाह के प्रवर्तक

महान विद्वान और सुधारक ईश्वर चंद विद्यासागर ने सबसे महत्वपूर्ण योगदान विधवाओं की स्थिति में सुधार और स्त्री शिक्षा का प्रसार था। विधवा-पुनर्विवाह को क़ानूनी वैधता प्रदान करने वाले अधिनियम को पारित कराने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी। 1856 ई. में कलकत्ता में हुए प्रथम विधवा-पुनर्विवाह में वे व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए थे। विधवा-पुनर्विवाह एवं स्त्री शिक्षा के लिए किये जाने वाले प्रयासों के कारण रूढ़िवादी हिन्दुओं द्वारा उन