krishan janmashtami

श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर इस बार इस तारीख को मनेगी जन्माष्टमी.....

नई दिल्ली :  योगीराज श्रीकृष्ण की जन्मभूमि इस बार अपने आराध्य के जन्मदिन पर कुछ अलग ही छटा बिखेरने जा रही है। इस बार भगवान की पोशाक आराध्य मृंगाक कौमुदी (चन्द्रप्रभा) की आभा लिए हुए होगी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर इस बार 24 अगस्त (शनिवार) की रात्रि 12 बजे कान्हा का प्राकट्योत्सव होगा।श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि इस बार जन्मोत्सव कुछ अलग छठा विशेषता लिए होगा।

धूमधाम से मनाई जा रही जन्माष्टमी, राष्ट्रपति और PM ने दी शुभकामनाएं.....

नई दिल्ली  :  देशभर में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश के हर हिस्से में कृष्ण जन्माष्टमी धूम धाम से मनाई जा रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भगवान कृष्ण की झांकियां सजाई जा रही हैं। साथ ही इस अवसर पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी देशवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।राष्ट्रपति राम

अगर आज कर रहे हैं जन्‍माष्‍टमी का व्रत तो इस तरह करें पूजा....

नई दिल्‍ली: जन्‍माष्‍टमी आज देश भर में धूमधाम से मनाई जा रही है। वैसे पिछले कई दिनों से कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर लोग असमंजस में थे क्‍योंकि अष्‍टमी त‍िथि 23 अगस्‍त जबकि रोहिणी नक्षत्र 24 अगस्‍त को पड़ रहा था। लेकिन फिर धीरे-धीरे साफ हो गया कि व्रत वाली जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त को ही मनाई जानी चाहिए। ऐसे में आज मंदिरों से लेकर घरों तक में श्रीकृष्‍ण जन्‍मोत्‍सव

अपनों को इस तरह दें जन्माष्टमी की बधाई....

नई दिल्ली :  इस साल जन्माष्टमी 23 और 24 अगस्त को मनाई जाने वाली है। जन्माष्टमी का त्योहार श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता हैं। ये पर्व भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीय भी इसे बहुत ही धूम-धाम से मनाते हैं।श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को आधी रात में मथुरा में हुआ था। इस दिन कृष्ण भक्त उपवास रखते

14 वर्षों के बाद श्रीकृष्ण जन्माष्टमी में बना महासंयोग वरदान के बराबर....

नई दिल्ली  :  रोहिणी नक्षत्र में जन्माष्टमी पर लौहनगरी कृष्णमयी होने लगा है। 23 अगस्त को जन्माष्टमी व्रत है तो 24 अगस्त को कृष्णाष्टमी का व्रत है। ईस्कॉन समेत कई मंदिर कमेटी और संस्थाएं जन्माष्टमी को यादगार बनाने की तैयारी की हैं। जन्माष्टमी पर ग्रह गोचरों का महासंयोग वरदान होगा। इस तिथि पर छत्र योग, सौभाग्य सुंदरी योग और श्रीवत्स योग बन रहा है। पूजन और व्रतियों के लिए फलदायी

दो दिन है जन्‍माष्‍टमी, व्रत रखने के लिए ये दिन है शुभ.....

नई दिल्‍ली:   इस बार जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर काफी असमंजस है। दरअसल, इस बार कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी दो दिन यानी कि 23 और 24 अगस्‍त को है ।हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार विष्‍णु के आठवें अवतार कृष्‍ण का जन्‍म भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस हिसाब से अष्‍टमी 23 अगस्‍त को है जबकि रोहिणी नक्षत्र इसके अगले दिन यानी कि 24 अगस्‍त को

आज या कल, कब रखें जन्माष्टमी का व्रत?....

नई दिल्ली  :  हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार सृष्टि के पालनहार श्री हरि विष्‍णु के 8वें अवतार श्रीकृष्‍ण के जन्‍मोत्सव को जन्‍माष्‍टमी के रूप में मनाया जाता है। इस साल जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर लोगों में काफी असमंजस है। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि जन्‍माष्‍टमी 23 अगस्‍त को मनाई जाए या फिर 24 अगस्‍त को।भगवान श्रीकृष्‍ण का जन्‍म भाद्रपद यानी भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी

जानिए जन्माष्टमी के खास मौके पर पूजा विधि और कैसे करें व्रत....

नई दिल्ली  :  कृष्ण शब्द ही अपने आप में जीवन का अत्यंत गंभीर रहस्य समेटे है। इस शब्द में जहां ‘क’ काम सूचक है, वहीं ‘कृ’ श्रेष्ठ शक्ति का प्रतीक है, ‘ष’ षोडश कलाओं का रहस्य समेटे है और ‘ण’ निर्माण का बोध कराने में समर्थ है। इस प्रकार कृष्ण शब्द का तात्पर्य है कि जो सामर्थ्य पूर्वक पूर्ण भोग व मोक्ष दोनों की समान गति बनाए रखे। बीज स्वरूप

जन्‍माष्‍टमी के दिन कृष्‍ण को लगाएं इस एक चीज का भोग, नहीं पड़ेगी 56 भोग बनाने की जरूरत....

नई दिल्ली:  कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी के दिन भगवान श्रीकृष्‍ण के मौके पर कृष्‍ण को 56 भोग लगाया जाएं तो भगवान प्रसन्‍न होते हैं। लेकिन आज की भागती-दौड़ती जिंदगी में एक साथ 56 तरह के व्‍यंजन बना पाना मुमकिन नहीं हो पाता। ऐसे में अब सवाल उठता है कि जन्‍माष्‍टमी के दिन श्रीकृष्‍ण को भोग में क्‍या लगाए जाए जिससे कि वह प्रसन्‍न भी हो जाएं और आपको 56 भोग न बना

नई दिल्‍ली:   इस बार जन्‍माष्‍टमी की तिथि को लेकर काफी असमंजस है। दरअसल, इस बार कृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी दो दिन यानी कि 23 और 24 अगस्‍त को पड़ रही है। हिन्‍दू मान्‍यताओं के अनुसार विष्‍णु के आठवें अवतार कृष्‍ण का जन्‍म भादो माह की कृष्‍ण पक्ष की अष्‍टमी को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस हिसाब से अष्‍टमी 23 अगस्‍त को पड़ रही है जबकि रोहिणी नक्षत्र इसके अगले दिन यानी