Pregnancy-Parenting

जानिए अपने 6 महीने के शिशु को कौनसी विटामिन युक्‍त चीजें खिलाएं

नई दिल्ली : शिशु के जन्‍म लेने से पहले ही उसके माता-पिता उससे जुड़ जाते हैं और बड़ी बेसब्री से उसके आने का इंतज़ार करने लगते हैं। जब स्‍त्री को अपने गर्भवती होने की बात मालूम होती है तो सबसे पहले उसके मन में ख्‍याल आता है कि वो अपने बच्‍चे को जरूरी पोषण देने की पूरी कोशिश करेगी। हालांकि, गर्भ में पल रहे शिशु को पोषण देना तो आसान

जानिए क्या क्या सोचती है महिलाएं प्रेगनेंसी के आखिरी दिनों में

नई दिल्ली : गर्भावस्‍था का समय हर महिला के लिए बहुत खास होता है। इसमें उसे बस इंतज़ार होता है कि कब उसका शिशु उसकी गोद में आएगा लेकिन प्रेगनेंसी का समय बहुत मुश्किल होता है। खासतौर पर गर्भावस्‍था के अंतिम चरण में ज़्यादा मु‍श्किलें आती हैं। आप चाहे कितनी भी तैयारी कर लें लेकिन फिर भी ये बात मानने में मुश्किल होती है कि आपके अंदर बच्‍चा पल रहा

40 की उम्र के बाद प्रेगनेंसी होने पर उठाने पड़ सकते है ये जोखिम

नई दिल्ली : आज के इस आधुनिक दौर में हर महिला आत्मनिर्भर रहना चाहती है। वह आज़ादी से जीना चाहती है नाकि किसी तरह की बंदिश में। पुराने ज़माने की औरतों की तुलना में आज की औरतें ज़्यादा खुले विचारों की होती है और अपने फैसले खुद ही लेना पसंद करती है क्योंकि उन्हें पता होता है कि उनके लिए क्या अच्छा है और क्या बुरा।महिलाएं आज हर क्षेत्र में

अगर आपका बच्चा भी दूध पीने में करता है नखरे तो जरुर अपनाये ये टिप्स

नई दिल्ली : छह माह तक के बच्चों को केवल दूध से भरपूर न्यूट्रिशन प्राप्त हो जाता है लेकिन जैसे जैसे आपका बच्चा बड़ा होने लगता है उसके खाने पीने का आपको विशेष ध्यान रखना पड़ता है। ऐसे में बच्चे दूध के अलावा अन्य दूसरी चीज़ों का स्वाद चखते हैं और कई बार उन्हें अपने पुराना स्वाद यानी दूध पसंद नहीं आता है ऐसी स्थिति में मम्मी पापा की परेशानी

जानिए कैसे बेबी जेंडर सलेक्‍शन टेक्निक से खुद निर्धारित करें बच्‍चें का लिंग

नई दिल्ली : मेडिकल साइंस यह पहले ही साबित कर चुका है कि बच्चे का जेंडर पिता पर निर्भर करता है, ना कि मां पर। हमारे समाज में बेटी के जन्म के लिए मां को कोसा जाना आम बात है, लेकिन शिक्षित वर्ग यह भली भांति जानता है कि बेटा होगा या बेटी यह इस बात पर निर्भर करता है कि पुरुष के कौन से क्रॉम्सोम्स ने महिला के एग्स

जानिए डिलीवरी के बाद खुद से कैसे करें प्यार

नई दिल्ली : मातृत्‍व का अहसास करना हर महिला का सपना होता हैं। लेकिन अक्‍सर ये चीजें देखने को मिलती है कि डिलीवरी के बाद अपने शरीर में आए बदलाव को देखकर महिलाएं घबरा जाती हैं और अपने बढ़ते वजन या शरीर के बदलाव की वजह से स्‍ट्रेस में भी चली जाती हैं।डिलीवरी के बाद महिलाओं को कई चुनौतियों का सामना करना होता हैं, अपने प्रेग्नेंसी के बाद नए मेहमान

अगर आप भी चाहती है नॉर्मल डिलीवरी तो ध्यान में रखें ये बातें

नई दिल्ली : किसी भी महिला के जीवन में मां बनना एक सुखद अनुभव है। बच्चे को जन्म देने के बाद एक औरत खुद को पूर्ण महसूस करती है। गर्भावस्था के दौरान वो कई पड़ावों से गुज़रती है। वो अपने ही अंश को बढ़ता हुआ अनुभव करती है। ऐसे समय में उसके दिल और दिमाग में भी कई तरह के सवाल चल रहे होते हैं। इनमें से एक बात जो

स्‍क्रीन से ज्यादा चिपके रहना भी हो सकता है बच्चों के लिए खतरनाक

नई दिल्ली : आजकल बच्‍चे अपना अधिकतर समय स्‍क्रीन के सामने बिताने लगे हैं। इसकी वजह से उनकी आंखों पर भी बुरा असर पड़ता है और ये चिंता का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। नेत्र विशेषज्ञ की मानें तो बच्‍चों को घंटों तक टीवी या अन्‍य गैजेट्स की स्‍क्रीन पर चिपके रहने से ड्राई आई और आंखों पर दबाव पड़ने की समस्‍या हो रही है। अमेरिकन एकेडमी ऑफ

जानिए नन्ने मेहमान को शुरुआत के दिनों में किन चीजों की जरूरत पडती है

नई दिल्ली : अगर आप पहली बार माता पिता बने हैं तो ज़ाहिर सी बात है बहुत ज़्यादा खुश और उत्साहित होंगे लेकिन वहीं दूसरी ओर आपके मन में कई तरह के सवाल भी उठ रहे होंगे जो आपको परेशान कर रहे होंगे। जी हाँ, अकसर पहली बार बने पेरेंट्स इस बात को लेकर चिंतित रहते हैं कि अपने नए मेहमान के लिए क्या करें और कैसे करें ताकि उसकी

प्रेगनेंसी में दर्द से राहत पाने के लिए अपनाये ये उपाय

नई दिल्ली : गर्भावस्था के दौरान जघन हड्डी में दर्द इस समय होने वाली आम समस्याओं में से एक है। इस स्थिति को सिम्फिसिस प्यूबिस डिसफंक्शन कहतें है । इस तरह की परेशानी गर्भावस्था के आखिरी दिनों में होती है यानी जब स्त्री अपने तीसरे तिमाही में होती है। गर्भावस्था के दौरान, पेल्विक एरिया के सामने का जोड़ यानी सिम्फिसिस प्यूबिस सामान्य से बहुत ज्यादा हिलता-डुलता है। ऐसा शरीर द्वारा