मोटापे और डायबिटीज जैसी बिमारियों को करता है कम एप्‍पल साइडर विनेगर

मोटापे और डायबिटीज जैसी बिमारियों को करता है कम एप्‍पल साइडर विनेगर

नई दिल्ली : क्‍या आप जानते है कि एप्पल साइडर विनेगर और एप्पल जूस में से क्‍या अधिक फायदेमंद है? एक्सपर्ट के अनुसार एप्पल साइडर विनेगर स्‍वास्‍थय के ल‍िए बहुत ही हेल्‍दी होता है। कई लोग एप्‍पल विनेगर का इस्‍तेमाल तो करते है लेकिन इसके फायदें के बारे में नहीं जानते हैं। सेब का सिरका यानी एप्‍पल साइडर विनेगर का इस्‍तेमाल टेबलेट और लिक्विड दोनों तरह से किया जा सकता है। इसका प्रयोग मोटापेटी और डायबिज जैसी बीमारियों को नियंत्रित करने के लिए भी किया जाता है। एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर के न‍ियमित सेवन करने से वजन कम होने के साथ ही मेटाबॉलिज्म तेज होता है आप इसे घर पर भी बना सकते हैं। आइए जानते है इसकी रेसिपी और फायदों के बारे में।नियमित रुप से एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को खाना खाने के 45 मिनट पहले पीएं।वजन कम होने के साथ ही मेटाबॉलिज्म तेज होगा। सेब का सिरका ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में मददगार होता है।

हैवी फूड खाने के बाद इसका सेवन करने से ये पाचन तंत्र मजबूत करता है।सिर में बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर एक चौथाई कप पानी में दो चम्मच एप्पल विनेगर को मिलाएं। शैंपू करने के बाद इसे स्कैल्प पर लगाएं। सिर को तौलिया से कवर करें और 20 बाद इसे पानी से धो लें। बालों में चमक आने के साथ पीएच लेवल भी मेंटेन रहता है। चेहरे पर धब्बे, पिंपल्स और मुंहासों की समस्या है तो एक कप पानी में एक चम्मच एप्पल विनेगर मिलाएं। इसे रूई की मदद से प्रभावित हिस्से पर लगाएं इसे दिन में दो बार 10 मिनट के ल‍िए लगाएं।यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर कम करता है। साथ ही खून को भी पतला करता है। जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। एक चौड़े मुंह वाला शीशे का जार लें, इसमें सेब के छोटे-छोटे टुकड़े काटकर डाल दें। आप चाहे तो छिलके समेत ही काटकर डाल सकती हैं वरना छिलका हटाकर डालें। टुकड़ों को जार में डालें ऊपर से थोड़ी शक्कर डालें।

जार में पानी डालें। पानी को जार तक पूरा न भरें। इसमें एप्पल विनेगर बैक्टीरिया डालें, ये आपको आसानी से कहीं भी मार्केट और ऑनलाइन मिल जाएगां। अब इसे लकड़ी के ही चम्मच से मिलाएं।  ध्यान रखें कि इसे 360 डिग्री नहीं चलाना है मिलाने के लिए ऊपर से नीचे सेब के टुकड़ों को धकेलते हुए मिलाना है। जार पर सूती कपड़ा बांधकर अंधेरे में रख दें। इसे तैयार होने में 3 महीने का समय लगता है। हर 7 दिन के अंतराल पर इसे चम्मच से हिलाएं। तैयार होने के बाद ये हल्का पीला नजर आने लगता है। 3 महीनें के बाद जब ये तैयार हो जाएं तो इसे छानकर इस्तेमाल करें।हर चीज का आवश्‍यकता से अधिक इस्‍तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। अगर विनेगर तैयार कर रहे हैं तो शीशे के जार और लकड़ी के चम्मच का ही इस्तेमाल करें। पानी को मिलाने का तरीका याद रखें वरना विनेगर सही तरीके से नहीं बन पाएगां। जार को ऐसी जगह बिल्कुल न रखें जहां सूरज की रोशनी पहुंच सके।

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