नागपंचमी पर इन मंत्रों के उच्चारण से करे नाग देवता को प्रसन्न….

नागपंचमी  पर इन मंत्रों के उच्चारण से करे नाग देवता को प्रसन्न....

नई दिल्ली   :   भगवान शिव के प्रिय महीने सावन में नागपंचमी का महत्व पुराणों में बताया गया है। नागपंचमी शुक्ल पक्ष में आती है। यह इस बार 5 अगस्त को है। अहम बात यह है कि यह सोमवार को है। इस वजह से शिव भक्तों के लिए यह दिन बहुत खास होगा। नागपंचमी के दिन लोग नाग देवता की पूजा करते हैं। उन्हें दूध भी पिलाते हैं।मान्यत है कि सावन के महीने में नाग की पूजा करने, नाग पंचमी के दिन दूध पिलाने से नाग देवता प्रसन्न होते हैं। नाग देवता की पूजा करने से नागदंश का भय नहीं रहता है। नाग देवता की पूजा के दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप करना चाहिए, जो कि पूजा को और ज्यादा प्रभावी बनाते हैं।

ॐ भुजंगेशाय विद्महे,
सर्पराजाय धीमहि,
तन्नो नाग: प्रचोदयात्।।

अनंत वासुकी शेषं पद्मनाभं च मंगलम्
शंखपालं ध्रतराष्ट्रकंच तक्षकं कालियं तथा।
एतानी नव नामानि नागानां च महात्मना
सायंकाले पठे नित्यं प्रातःकाले विशेषतः
तस्य विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।
सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले
ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।

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