क्या आप भी जानते है पनीर खाने का सही समय, जाने कब और कैसे खाना चाह‍िए?…

क्या आप भी जानते है पनीर खाने का सही समय, जाने कब और कैसे खाना चाह‍िए?...

नई दिल्ली  :  फेस्टिवल सीजन में खाने में पनीर की डिशेज के ब‍िना मजा नहीं आता है। घर में कोई न कोई एक डिश पनीर का जरुर बनता है। वेजिटेरियन हो या फिर नॉन वेजेटेरियन खाने में हर क‍िसी को पनीर खाना बहुत पसंद होता है। स्‍वाद में टेस्‍टी होने के साथ ये सेहत के ल‍िए बहुत अच्‍छा होता है। लेक‍िन क्‍या आप जानते है क‍ि पनीर खाने का एक खास समय होता है?हालांक‍ि पनीर खाना बहुत हेल्‍दी होता है, पनीर प्रोटीन का बेहतरीन स्त्रोत है और यह अन्य पोषक तत्वों के साथ आपको सेहत व सौंदर्य के फायदे भी देता है।

मगर बेवक्‍त पनीर खाने से भी पेट से जुड़ी कई समस्‍याएं हो सकती है। आइए जानते है क‍ि पनीर खाने का सही समय क्या है? जानिए पनीर कब खाएं और कब नहीं।कच्चे पनीर का सेवन नाश्ता और लंच करने से 1 घंटा पहले करें। आप दिनभर कभी भी पनीर का सेवन कर सकते हैं, लेकिन इसे सीमित मात्रा में ही खाएं। अधिक मात्रा में इसका सेवन आपको पाचन संबंधी समस्या या गैस पैदा कर सकता है।रात को सोते वक्त इसे न खाएं बल्कि सोने के एक से दो घंटे पूर्व इसका सेवन किया जा सकता है।

एक्सरसाइज करने के पहले या बाद में इसका सेवन बिल्कुल न करें। खास तौर से एक्सरसाइज के बाद इसका सेवन पाचन को प्रभावित करेगा।पनीर की ओवरईटिंग से बचें। वजन को नियंत्र‍ित और खुद को फिट रखने के लिए इसका संतुलित मात्रा में सेवन काफी फायदेमंद साबित होगा।दूध को फाड़कर या फिर फटे हुए दूध से पनीर तैयार किया जाता है। इसको बनाते वक्‍त जो पानी बच जाता है उसे फेंके नहीं क्योंकि अगर अगर आपको शरीर में प्रोटीन की मात्रा बढ़ानी है तो इसे पी जाइएं।

पनीर, कार्बोहाइड्रेट्स, फैट्स और प्रोटीन से बना हुआ उत्‍पाद है।पनीर में प्रोटीन के अलावा खूब फाइबर भी होता है।दिनभर काम करने के बाद स्ट्रेस और थकावट होना तो आम है लेकिन 1 बाउल कच्चा पनीर खाने से आपकी सारी थकावट दूर हो जाती है। प्रोटीन और कैल्शियम के अलावा कच्चे पनीर में लीनोलाइक एसिड भी काफी मात्रा में पाया जाता है।

इससे शरीर में फैट बर्निंग प्रॉसेस तेज होता है, जिससे आपको वजन कम करने में मदद मिलती है।
प्रोटीन और कैल्शियम होने के कारण इसका सेवन दांतो को मजबूत बनाता है। इसका सेवन धमनियों में होने वाली रूकावट को भी रोकता है, जिससे दिल की कई बीमारियों का खतरा कम हो जाता है।

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