अगर आप भी होना चाहती है प्रेगनेंट तो जरुर अपनाएं इन टिप्‍स को

अगर आप भी होना चाहती है प्रेगनेंट तो जरुर अपनाएं इन टिप्‍स को

नई दिल्ली : एक महिला का मां बनना ही जिंदगी में सबसे सुखद अहसास होता है। कुदरत ने उसे एक जिंदगी को जन्‍म देने की अनोखी शक्ति दी है। एक महिला के लिए बच्चे को जन्म देना काफ़ी खुशी की बात होती है। लेकिन आजकल की भागमभाग की जिंदगी और बिजी लाइफस्‍टाइल का असर महिलाओं की फर्टिलिटी पर पड़ने लगा है। इसलिए महिलाओं को गर्भधारण करने में कई तरह की समस्‍याओं का सामना करना पड़ता है। गर्भ धारण करने के लिए फर्टिलाइजेशन अच्‍छे से होना जरुरी होता है। एक स्‍वस्‍थ गर्भावस्‍था के लिए गर्भ धारण करने के लिए हेल्‍दी लाइफ स्‍टाइल होना बेहद जरुरी है। आज इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगे कि जल्‍दी प्रेगनेंट होने के लिए किन बातों का ध्‍यान रखना बेहद जरुरी है।

प्रेगनेंसी प्‍लाने करने से पहले डॉक्टर से सलाह ले। और अपनी जांच कारिए, इससे यह पता चल जाएगा कि कंसीव करने में कोई मेडिकल इश्‍यूज तो नहीं है जैसे STD ( सेक्‍सुअली ट्रांसमिट्रेड डिसीज ) म‍ेडिकल चेकअप से आप बहुत ज्‍यादा सुनिश्चित हो जाएंगी कि आप प्रेगनेंट होने के लिए शारीरिक और मानसिक तौर पर कितनी तैयार है। साथ ही अगर डिम्बग्रंथि अल्सर, फाइब्रॉएड, endometriosis, गर्भाशय के स्तर की सूजन जैसे परेशानियों की भी जांच हो जाएगी। बच्चा पैदा करने के लिए महिलाओ के एग्स ओव्री से निकलने के 24 घंटे के अंदर ही फर्टिलाइज़ होने चाहिए। आदमी के स्पर्म औरत के रिप्रोडक्टिव ट्रॅक्ट (प्रजनन पाठ) मे 48 से 72 घंटे तक ही जीवित रह सकते है।

चुकी बच्चा पैदा करने के लिए एंब्रीयो (भ्रूण) एग और स्पर्म के मिलन से ही बनता है। इसलिए कपल्स को ओवुलेशन के दौरान कम से कम 72 घंटे मे एक बार ज़रूर सेक्स करना चाहिए और इस दौरान पुरुष को औरत के ऊपर होना चाहिए, ताकि स्पर्म के लीकेज की संभावना कम हो। साथ ही पुरुषो को इस बात का ध्यान रखना चाहिए की वो 48 घंटे मे एक बार से ज़्यादा ना एजॅक्यूलेट करे वरना उनका स्पर्म काउंट काफ़ी नीचे जा सकता है, जो हो सकता है की एग जो फर्टिलाइज़ करने मे पर्याप्त ना हो। सेक्‍स के दौरान अगर ज्‍यादा तापमान में स्‍पर्म निकलता है तो व मृत या निष्क्रिय हो सकते हैं। इसीलिए टेस्टिकल (जहां sperms का निर्माण होता है) बॉडी में बाहर की तरु होता है ।

गाड़ी चलते समय ऐसे सीट का प्रयोग करें जिसमे से थोड़ी हवा पास हो सके। और बहुत ज्यादा गरम पानी से इस अंग को ना धोएं। जो लोग आग की भट्टी या किसी गरम स्थान पर देर तक काम करते हैं उन्हें सावधान रहने की ज़रुरत है। रेडियोएक्टिव किरणों से बचना चहिए जो इन जगह काम करते है उनको एतिहायत बरतने की जरुरत हैं। कई बार महिलाओ का वज़न ज़्यादा होने के कारण गर्भधारण करने में परेशानी आती हैं, क्योंकि इस प्रक्रिया में उनका वज़न यानी शरीर में जमा वसा बाधा बन जाती है। एक शिशु को जन्म देने के लिए महिला और पुरुष दोनों का स्वस्थ रहना काफी ज़रूरी होता है। अत्याधिक वज़न होने के कारण महिलाओं को इनफर्टिलिटी की समस्या होती है।

अतः गर्भधारण का प्रयास करने से पहले महिलाओं को दो से तीन महीने तक व्यायाम और योग द्वारा अपना मोटापा या वज़न कम करने का प्रयास करना चाहिए। प्रेगनेंसी के दोरान स्‍ट्रेस फ्री रहना बहुत जरुरी है। ज़्यादा तनाव आपके रिप्रोडक्टिव फंक्षन मे प्रभाव डालेगा। स्‍ट्रेस से कामेच्‍छा प्रभावित होती है। एक्सट्रीम कंडीशन्स मे महिला मे मेंस्ट्रुएशन की प्रोसेस पर भी प्रभाव पड़ता है। बिना तनाव के आप अच्‍छे से अपने रिलेशनशिप को एंजॉय कर सकते हैं और प्रेगनेंट हो सकते हैं। तनाव मुक्त रहने की लिए आप रेग्युलर्ली ब्रीदिंग एक्सर्साइज़ और रिलॅक्सेशन टेक्नीक्स अपनाए|

गर्भ जल्दी धारण करने के लिए आप उन चीजों का सेवन करे जिनमे फोलिक एसिड हो चूँकि दाल में फोलिक एसिड के साथ प्रोटीन भी होता है तो गर्भवती होने के लिए आप दाल का सेवन कर सकती है। हरी पत्तेदार सब्जियां आपको तंदुरुस्त और बनाने और गर्भ धारण में मदद करती है। यदि किसी महिला को माहवारी नियमित रूप से हो रही है फिर भी वह गर्भवती नहीं हो पार रही है तो उन स्त्रियों को मासिक-धर्म के दिनों में तुलसी के बीज चबाने या काढ़ा बनाकर सेवन करने से गर्भधारण हो जाता है। कुछ महिलाएं होती है|

जो हर छोटी सी छींक आने पर भी दवाइयों का सेवन करती हैं, यहां तक कि आराम से मिल जाने वाली आम दवाइयां भी आपकी फर्टिलिटी पर बुरा प्रभाव डाल सकती हैं। कई चीजें ऑव्‍यूलेशन को रोक सकती हैं , इसलिए दवाओं का उपयोग कम से कम करें। बेहतर होगा कि आप किसी भी दावा को लेने या छोड़ने से पहले डॉक्टर से सलाह ले लें। ड्रग्स , नशीली दवाओं, सिगरेट या शराब के सेवन आदमी-औरत, दोनों के हार्मोन्‍स का संतुलन बिगड़ सकता है। और आपकी प्रजनन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है.और बच्चों में भी जन्मजात विसंगतियां हो सकती हैं।

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