अगर आपको भी चमकाना है अपना भाग्य तो इन उपायों को बनाएं अपने जीवन का हिस्सा

अगर आपको भी चमकाना है अपना भाग्य तो इन उपायों को बनाएं अपने जीवन का हिस्सा

नई दिल्ली : कर्म और भाग्य, दो ऐसी बातें हैं जो एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। यह बात सही है कि कर्म किए बिना भाग्य को चमकाया नहीं जा सकता, लेकिन यह बात भी उतनी ही सच है कि भाग्य साथ ना दे तो चाहे कितने भी कर्म कर लिए जाएं कोई लाभ हासिल होने वाला नहीं। कई लोग जीवनभर कड़ी मेहनत और दौड़धूप करते रहते हैं लेकिन वे सफल नहीं हो पाते और कई लोग जरा सी मेहनत में शीर्ष तक पहुंच जाते हैं। दरअसल यह सब भाग्य का ही खेल है, लेकिन भाग्य के भरोसे बैठे रहने से कुछ नहीं होता। कर्म तो करते रहना ही है। ये बातें विरोधाभासी जरूर प्रतीत हो रही हैं, लेकिन अंतिम सत्य सही है कि जीवन का सारा खेल भाग्य यानी किस्मत पर निर्भर करता है।

आइए आज हम जानते हैं भाग्य को कैसे चमकाया जा सकता है। वे कौन-कौन से उपाय हैं जिनसे आप अपने भाग्य को चमकाकर वह सबकुछ हासिल कर सकते हैं जिनके बारे में आप अपने सपनों में सोचते रहते हैं। ये सारे उपाय दिखने में बहुत सामान्य हैं लेकिन इनका प्रभाव बड़ा होता है। सबसे पहली बात भाग्य के देवता भगवान श्रीगणेश जी हैं। गणेशजी की नियमित पूजा से किस्मत के दरवाजों को खोला जा सकता है, लेकिन सामान्य पूजा से कुछ हासिल होने वाला नहीं है। आपको गणपति अथर्वशीर्ष के नियमित पाठ को अपने जीवन का हिस्सा बनाना होगा। लगातार बिना दिन गिने अथर्वशीर्ष का एक पाठ रोज करें, किस्मत बदलते देर नहीं लगेगी।

सुंदरकांड का पाठ भी सोई किस्मत को जगाने का अचूक तरीका है। प्रत्येक शनिवार या मंगलवार को पूर्ण श्रद्धा भक्ति से भगवान श्रीराम-सीता और हनुमानजी का पूजन करते हुए सुंदरकांड का पाठ करें। हनुमानजी को देसी घी के हलवे का नैवेद्य लगाएं। ऐसा लगातार करते जाएं जल्द ही जीवन में शुभ घटनाएं होने लगेंगी। लेकिन ध्यान रहे यदि आप मंगलवार तय कर रहे हैं तो फिर प्रत्येक मंगलवार को ही पाठ करें। पीपल के पेड़ में नियमित जल चढ़ाने से भाग्य को चमकाया जा सकता है। अपने आसपास जहां भी पीपल का पेड़ हो उसमें प्रतिदिन जल चढ़ाने की आदत डाल लें। पीपल में भगवान विष्णु का वास होता है।

पीपल वृक्ष के अलग-अलग अंगों में नवग्रहों का वास भी माना गया है इसलिए इस प्रयोग से आपके अशुभ ग्रह शांत होते हैं और किस्मत का साथ मिलने लगता है। भाग्य साथ नहीं देता तो शारीरिक और मानसिक रूप से व्यक्ति अत्यंत कमजोर हो जाता है। शरीर और मन-मस्तिष्क को मजबूत करने के लिए शिव परिवार की पूजा करना चाहिए। हर दिन शिवलिंग पर जल में कच्चा दूध मिलाकर चढ़ाएं और मां पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की पूजा करें। इससे मानसिक शारीरिक बल प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में सूर्य को साक्षात और प्रत्यक्ष देवता माना गया है। प्रतिदिन सूर्य को उगते समय अर्घ्य देने से किस्मत चमक उठती है। फिर जीवन में मान-सम्मान, पद, प्रतिष्ठा सबकुछ आसानी से मिलने लगता है।

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