बेसन, दूध और हल्‍दी से बढाये अपने चेहरे के निखार को

बेसन, दूध और हल्‍दी से बढाये अपने चेहरे के निखार को

नई दिल्ली : दिवाली के एक दिन पहले रूप चौदस या रुप चतुदर्शी का त्यौहार मानते हैं, ऐसे में इसे छोटी दिवाली, नरक चतुदर्शी और काली चतुदर्शी के नाम से भी पुकारा जाता है वहीं हिंदू त्यौहार में रूप चौदस काफी मायने रखती है। महिलाओं के लिए रूप चौदस का दिन उनके सौन्दर्य को निखारने के लिए माना जाता है। रूप चौदस का दिन स्वास्थ्य के साथ सुंदरता और रूप से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन महिलाएं भोर होते ही उठकर चेहरे पर उबटन लगाने के बाद ठंडे पानी से स्‍नान करती है। यह हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को ये पर्व मनाया जाता है और रूप चौदस 6 नवंबर को।

इस रूप-चौदस हम आपको कुछ खास पारम्‍पारिक उबटनों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे लगाकर आप अपने चेहरे के निखार को दोगुना कर सकती हैं।इस उबटन को तो हर घर में पारम्‍पारिक उबटन के तौर पर इस्‍तेमाल किया जाता है। बेसन, हल्दी और चंदन पाउडर को मिलाकर इसमें गुलाबजल डालें और गाढ़ा पेस्ट तैयार करें। अब इस पेस्ट को उबटन की तरह चेहरे और शरीर के विभिन्न अंगों पर लगाएं और जब यह आधा सूख जाए, तो स्नान कर लें। कच्‍चा दूध चेहरे पर क्‍लींजर की तरह काम करता है और बेसन चेहरे से डेड स्किन को हटाकर चमकाता है।

कच्चे दूध में बेसन और हल्दी मिलाकर लेप तैयार करें और इसे शरीर पर लगाएं। त्वचा के रूखेपन से बचने का यह एक बेहतर तरीका है। यह आपकी त्वचा को मॉश्चर देगा और रूप निखारेगा। एक चम्म्च चावल का आटा लेकर इसमें बराबर मात्रा में शहद और गुलाबजल डालें और अच्छी तरह मिलाकर लेप तैयार करें। इस लेप को लगाने से त्वचा मुलायम बनेगा और उस में कसाव भी आएगा। मान्यता है कि रूप चौदस पर व्रत रखने से भगवान श्रीकृष्ण व्यक्ति को सौंदर्य प्रदान करते हैं। इसके अलावा रूप चतुदर्शी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर तिल के तेल की मालिश और पानी में चिरचिरी के पत्ते डालकर नहाना चाहिए।

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