अपने पेट्स को प्‍यार करते समय रखें इन बातों का ध्यान

अपने पेट्स को प्‍यार करते समय रखें इन बातों का ध्यान

नई दिल्ली : हम में से कई लोग है जो पेट्स यानी पालतू जानवर रखने के शौकीन होते हैं। और जिन लोगों के भी घरों में पेट्स होते है वो उन्‍हें घर का नन्‍हा मेहमान बनाकर रखते है। उन्‍हें प्‍यार करते है और यहां तक कि किस भी करते हुए नजर आ जाते है। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो स्‍वास्‍थय के ल‍िहाज से ये बिल्‍कुल भी सही नहीं है। अपने पेट्स चाहे वो डॉग्‍स हो या कैट्स को प्‍यार से सहलाना और दुलारना तक तो ठीक है। लेकिन उन्‍हें किस यानी चुमना आपके सेहत के ल‍िए खतरनाक साबित हो सकता है। आइए जानते है कि क्‍यों विशेषज्ञ भी आपके पेट्स को किस या आपके चेहरे को जीभ से चाटने के ल‍िए मना करते हैं। कई लोग इस मिथ पर विश्‍वास करते हैं कि कुत्तों की लार मनुष्‍यों की लार से साफ होती है।

लेकिन आपको ये जानना बेहद जरुरी है कि कुत्तों के मुंह में हजार तरह के विभिन्‍न बैक्‍टीरिया होते है, हालांकि ये बहुत सूक्ष्‍म होते है जो कि नजर नहीं आते है। इसलिए जब भी आप अपने पेट्स के चेहरे या मुंह के आसपास किस करती है या चूमती है तो इससे कई तरह की बीमार‍ियां आप तक पहुंच सकती है। पेस्टरेला, नामक एक बैक्टीरिया है जो कुछ कुत्तों और बिल्लियों के मुंह में पाया जाता है, ये एक सामान्‍य रोगजनक होता है जो पेट्स के चाटने या काटने के वजह से आपके सम्‍पर्क में आ सकता है। अगर ये बैक्‍टीरिया आपके सूजन या घाव के संपर्क में आता है तो आपको संक्रमण भी हो सकता है। यह संक्रमण लोगों में बहुत तेजी से भी फैल सकता है। हालांकि, इसका एंटीबायोटिक्स के साथ इलाज सम्‍भव भी है।

जीव विशेषज्ञ मानते है कि कुत्तों के जरिए परजीवी भी आप तक स्‍थानातंरित हो भी सकते है और न भी। गियार्डिया और क्रिप्टोस्पोरिडियम जैसे परजीवी संक्रामक होते हैं जो कि कुत्‍तों के मल में पाएं जाते है। अगर कोई संक्रमित कुत्ता खुद को चाटने के बाद आापको किस चुंबन देता है तो यह परजीवी आप तक पहुंच सकते है। एक चीज ये भी सम्‍भव होती है कि ये परजीवी सिस्‍ट ज्‍यादा संख्‍या में न होने के कारण आप तक न भी पहुंचे। एक्‍सपर्ट की मानें तो यह बताने की बिल्‍कुल भी जरुरत नहीं है कि कितने लोग है जो अपने कुत्तों को किस करने की वजह से बीमार हो जाते हैं। हालांकि ऐसे कुछ लोग अधिक है जिन पर बीमार होने का जोखिम अधिक होता है।

इसल‍िए कुछ स्थितियों में लोगों को एहतियात बरतने की जरुरत है। हमने बहुत सारे सोशल मीडिया फोटोज और वीडियो में देखा है कि जिन लोगों के घर में कोई पेट्स होता है और उस घर में किसी नन्‍हें मेहमान का जन्‍म होता है तो घर के लोग फैमिली मेंबर की बच्‍चें को जरुर मिलाते है और पेट्स उस नन्‍हें बच्‍चों के प्रति प्‍यार जरुर दिखाता है या उसे किस करता है, जो कि बिल्‍कुल सही नहीं है। क्‍योंकि छोटे बच्‍चों का इम्‍यून सिस्‍टम अच्‍छे से विकसित नहीं हुआ होता है। ऐसे में उनके संक्रमण की सम्‍भावनाएं बढ़ जाती है। इसके अलावा भी ऐसे कई लोग है जिन्‍हें कुत्तो को किस या चूमने से बचना चाहिए। जैसे मधुमेह या जो लोग कीमोथैरेपी करवा रहे हैं।

कुत्‍तों को किस करने से उनमें मौजूद बैक्‍टीरिया का इम्‍यून सिस्‍टम पर बहुत फर्क पड़ता है। खास तौर पर गर्भवती महिलाएं, बुर्जुग और जिनके चेहरे पर खुले घाव है जैसे जिनके चेहरे पर मुंहासे होते हैं। ऐसे लोगों को ज्‍यादा खतरा होता है। जिम्‍मेदार पेट्स ऑर्नर को अपने पेट्स की सुरक्षा और संक्रमण से बचाव करने के ल‍िए समय-समय पर वैक्‍सीनेशन करवाते रहना चाहिए। इससे जीव जनित रोगों से बचाव किया जा सकता है। इसके अलावा न‍ियमित पशु चिकित्‍सा के अलावा समय समय पर बैक्‍टीरिया से बचाव के ल‍िए पेट्स को डिवॉर्मिंग की दवा भी देते रहना चाहिए।

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