जानिए कैसे नंगे पांव चलने से होती है तनाव की मुक्ति…

जानिए कैसे नंगे पांव चलने से होती है तनाव की मुक्ति...

नई दिल्ली : जमीन पर खाली पैर चलना ज्यादातर लोग पसंद नहीं करते हैं। क्योंकि आज के समय के मौलिक साधनों ने हर परेशानी से बचाने के साधन उपलब्ध करा दिये है। जूते चप्प्लों के उपयोग से पैरों की गंदगी और बाहरी चोटों से बचा जा सकता है। साथ ही ये आज के समय का एक फैशन भी बन चुका है। आपको शायद यह याद भी नहीं होगा कि आप बगैर चप्पल जूतों के कब पैदल चले थे, और चले भी थे या नहीं।

पर क्या आपने ये जानने की कोशिश की है ज्यों-ज्यों हम आज के मौलिक साधनों का उपयोग जितना अधिक कर रहे है उतना ही ज्यादा हम बीमारियों से भी ग्रस्त होते जा रहे है। पुराने समय में लोग जितना बगैर जूतों के ही पैदल चलते थे, उतने ही स्वस्थ भी रहते थे। यदि आप किसी घास के मैदान या साफ जमीन पर पैदल चल रहे हैं, तो चप्पलों की बजाये नंगे पैर चलने की कोशिश करें। जिससे आपको कई फायदे हो सकते हैं।

यदि आप नंगे पैर चलने के फायदे देखना चाहते है तो फिर पुराने समय को एक बार दोहरा कर देखें । इसके फायदे आपको खुद ही पता चल जाएंगे।घास, रेत, और मिट्टी पर बिना जूते चप्पलों का चलना काफी फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि जमीन पर नंगे पांव चलना एक अच्छा व्यायाम माना जाता है। किये गये शोधों के मुताबिक हमारे शरीर की प्रकृति बायो-इलेक्ट्रिकल होती है। जो हमारे शरीर की सभी कोशिकाओं एवं तंत्रिका तंत्र को एक प्रकार के भीतरी विद्युत शक्ति या ऊर्जा के स्पंदन से संचालित करने का काम करती है।

धरती का ऊर्जा चक्र शरीर के विद्युत तंत्र को अपनी ओर आकर्षित कर उस पर कूल-अनुकूल प्रभाव डालता है। जिससे हमारे स्वास्थ में सुधार आता है। हमारे मस्तिष्क की गतिविधी बढ़ जाती है। इसके अलावा इससे हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का स्तर बढ़ने के साथ रक्त परिसंचरण में सुधार, तनाव को कम करने और सूजन को कम करने में मदद मिलती है। इसलिए पृथ्वी की ऊर्जा को महसूस करने के लिए नंगे पैर चलना सबसे अच्छा बताया गया है।

शोधों के अनुसार यह तथ्य भी सामने आए है कि नंगे पांव चलने से धरती की ऊर्जा पूरे शरीर में संचारित होती है और पैर का दबाव धरती पर पढ़ने से मांसपेशियां सक्रिय हो जाती हैं। इससे जोड़ों का दर्द, तनाव,अनिद्रा व दिल संबंधी समस्याएं दूर होती है। यदि आप इन सभी बीमारियों से मुक्ति पाना चाहते है तो आप रोज आधा घंटा घास, मिट्टी या रेत पर नंगे पांव चलें।यह पैरों की मांसपेशियों को मजबूत कर स्वास्थ बनाता है, इससे पैरों को भरपूर ऑक्सीजन मिलती है।

इससे रक्तसंचार बेहतर होकर घुटने और पैर मजबूत होते है जिससे थकान कम होती है।अधिक से अधिक समय तक नंगे पैर चलने से पैरों की ब्लोकेज गांठे ठीक हो जाती है। पुराने से पुराना सिर के दर्द, कन्धे के दर्द, घुटने के दर्द, जैसी समस्याओं से निजात मिलता है। पैरों में लचीलापन और गतिशीलता आती है।बड़े बुजुर्गों के लिए नंगे पांव चलना शरीर के संतुलन में सुधार लाने का सबसे अच्छा तरीका है।
नंगे पांव चलने से मांसपेशियों की ताकत बढ़ती है और पैरों में होने वाले दर्द जैसी बीमारी से राहत मिलती है।आज के समय ज्यादातर लोगों को पैरों की समस्या हो रही है, तो उस समय में आपको नंगे पांव नहीं चलना चाहिये ऐसे में आपके डॉक्टर भी एक खास प्रकार के जूते चप्पल पहनने की सलाह देते है। खास कर जब आपकी बढ़ती उम्र के कारण मांसपेशिया कमजोर होने लगती है। पैरों की मांसपेशिया शिथिल होने के कारण आप चलने फिरने में असमर्थ हो, तो ऐसे समय में आपको पत्थर कंकड़ से बचने के लिए नंगे पैर नहीं चलना चाहिए।यदि आप अपने लॉन में नंगे पांव पैदल चल रहे हैं, तो सबसे पहले उसे अच्छी तरह से साफ सुथरा कर लें और यदि गर्मी के समय में जमीन गर्म है तब आप चप्पल का उपयोग जरूर करें।

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