जानिए पेडीक्‍योर के लाभ, ये खूबसूरती के साथ सेहत के लिए भी अच्‍छा होता है….

जानिए पेडीक्‍योर के लाभ, ये खूबसूरती के साथ सेहत के लिए भी अच्‍छा होता  है....

नई दिल्ली  :  पांव की खूबसूरती बनाए रखने के ल‍िए उन्‍हें हेल्‍दी बनाए रखने के ल‍िए पेडीक्‍योर करते हैं। पे‍डीक्‍योर के फायदे जानकर ही महीने में एक बार इसे करवाने की सलाह दी जाती है। अगर आपके पैरों पर धूल, मिट्टी और धूप से टैनिंग हो गई है तो आपको पेडीक्‍योर करवा लेना चाहिए। पेडीक्‍योर सिर्फ पैरों की खूबसूरती के लिए ही नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए भी बहुत जरूरी है। पेडीक्‍योर पांव के दर्द, फटी एड़ियों और फंगस को दूर करता है। आइए जानते है कि पेडीक्‍योर करने से पांव कैसे सेहतमंद रहते हैं?सौंदर्य विशेषज्ञ महीने में एक बार पेडीक्‍योर करवाने की सलाह देते हैं।

इसके लिए वे पैरों की खूबसूरती की जरूरत बताते हैं। जबकि पेडीक्‍योर सिर्फ सौंदर्य ही नहीं, आपकी सेहत के लिए भी बहुत जरूरी है। इससे आपकी महीने भर की थकान के अलावा पांव की मृत कोशिकाएं हट जाती है और आप तरोताजा महसूस करती हैं। आइए जानें पेडीक्‍योर के फायदे।जिस तरह चेहर में खूबसूरती और ग्लो बरकरार रखने के लिए नियमित रूप से क्लीनिंग और फेशियल जरूरी है। ठीक उसी तरह पैरों को भी साफ रखने, उनकी नमी बरकरार रखने और नाखून के केयर के लिए पेडीक्‍योर जरूरी है।

ऐसे में महीने में कम से कम 1 बार पेडीक्योर जरूर करवाना चाहिए। पेडीक्योर का एक अहम हिस्सा है फुट मसाज जो ब्लड सर्क्युलेशन को बेहतर बनाता है। साथ ही पैर और पिंडली (calves)दोनों से टेंशन और स्ट्रेस को दूर करता है। पेडीक्योर के दौरान पैरों के नाखून को काटकर, ट्रिम कर उनकी अच्छे से सफाई की जाती है जिससे पैरों में होने वाले किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा जा सकता है। साथ ही पेडीक्योर करवाने से धूल और बैक्टीरिया भी साफ हो जाते हैं जिससे फंगस की ग्रोथ नहीं होती है और पैरों से बदबू भी नहीं आती।

बहुत से लोगों को आपने देखा होगा कि वे चेहरे की तो खास केयर करती हैं लेकिन पैरों की ओर ध्यान नहीं देतीं जिससे उनके पैरों में खासकर एड़ियों में नमी की कमी हो जाती है जिससे उनमें दरारें पड़ने लगती है। नियमित रूप से पेडिक्योर करवाने से फटी एड़ियों की समस्या से छुटकारा मिल सकता है। पेडीक्योर का एक अहम हिस्सा है एक्सफोलिएशन जिससे जरिए डेड स्किन सेल्स से छुटकारा पाने में मदद मिलती है। पेडिक्‍योर के बाद पांव की स्किन पहले की बेहतर स्मूथ और अट्रैक्टिव बनती है। एक्सफोलिएशन के जरिए सेल्स को एक जगह जमा होने और तकलीफदेह कॉर्न बनने से भी रोका जा सकता है।

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