जानिए नवजात शिशु के बाल झड़ना सामान्‍य बात है या नहीं….

जानिए नवजात शिशु के बाल झड़ना सामान्‍य बात है या नहीं....

नई दिल्ली  :  अगर आपको लगता है कि सिर्फ उम्रदराज लोगों के ही बाल झड़ते हैं तो आप गलत हैं। 2 साल के होने तक नवजात बच्‍चों के भी बाल झड़ सकते हैं। कुछ कारणों और जींस की वजह से खासतौर पर जन्‍म के पहले 6 महीनों में शिशु के बाल झड़ सकते हैं।वैसे तो मां के गर्भ में ही शिशु के सिर पर बाल आने शुरु हो जाते हैं। अधिकतर नवजात शिशुओं के शरीर में हार्मोन लेवल गिरने पर जन्‍म के पहले 6 महीनों में बाल झड़ सकते हैं। इस प्रकार बाल झड़ने को ‘टेलोजन एफलुविअम’ कहा जाता है। वयस्कों की तरह ही बच्‍चों में बाल झड़ने का कारण क्रैडल कैप हो सकता है जिसमें स्‍कैल्‍प पर मौजूद सीबम की मात्रा कम होने लगती है।

इस वजह से शिशु के पतले बाल टूटने लगते हैं। अगर आपका बच्‍चा लंबे समय तक एक ही पोजीशन में सोता और बैठता है तो उसके सिर के बीच में गंजेपन के निशान हो सकते हैं। ये भी बाल झड़ने का एक कारण हो सकता है। अगर शिशु बिस्‍तर पर अपना सिर रगड़ता है तो उसके बाल झड़ सकते हैं।चलना शुरु करने वाले और बड़े बच्‍चों में भी बाल झड़ने की समस्‍या हो सकती है। इस दौरान ये बच्‍चे जमीन पर अपना सिर बहुत रगड़ते हैं। इस प्रकार के बाल झड़ने को ‘टिकोटिलोमेनिआ’ कहते हैं।बच्‍चों के हल्‍के और पतले बालों को टूटने और गिरने से बचाने का कोई इलाज एवं उपाय नहीं है। समय के साथ बच्‍चों के नए बाल फिर से आ जाते हैं।

हालांकि, कुछ सावधानियां बरतकर आप आगे बाल झड़ना रोक सकते हैं। अगर लंबे समय तक एक ही पोजीशन में सोने की वजह से आपके बच्‍चे के बाल झड़ रहे हैं तो रात को सोते समय उसकी पोजीशन बदलते रहें। यदि बाल झड़ने की वजह क्रैडल कैप है तो उसके सिर पर नारियल तेल की मालिश करें।

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