अपने बेबी को दूध से बने प्रोडक्ट कब खिलाए, जानिए यहां…

अपने बेबी को दूध से बने प्रोडक्ट कब खिलाए, जानिए यहां...

नई दिल्ली:  एक बार जब आपका बेबी फॉरमूला मिल्‍क या ब्रेस्‍ट मिल्‍क पीना छोड़ देता है, तब उस समय से आप चिंता में पड़ जाती हैं कि अब बच्‍चे को क्‍या खिलाया जाए। बच्‍चा इतना छोटा होता है कि वह हर चीज़ नहीं खा सकता इसलिये माता-पिता को इस बात की चिंता रहती है कि उसे सही पोषण कैसे मिलेगा। छोटे बच्‍चे की डाइट को हेल्‍दी बनाने के लिये दूध से बने उत्‍पाद जरुर शामिल किये जाने चाहिये। ऐसा इसलिये क्‍योंकि इनमें बहुत सारा प्रोटीन, फैट और कल्‍शियम होता है। शरीर के लिये प्रोटीन बहुत आवश्‍यक होता है, इससे उनकी शारीरिक विकास जल्‍दी होगी।

अगर आप सोंचती हैं कि अपने बेबी को दूध या दही कब खिलाएं या फिर इस डर में जी रही हैं कि क्‍या इससे उसे कोई एलर्जी तो नहीं होगी? तो आज हम इसका समाधान कर रहे हैं और बताएंगे कि आपको अपने बेबी को कब से दूध या दही खिलाना शुरु करना चाहिये। गाय का दूध उन शिशुओं को नहीं देना चाहिये जो 12 महीने के पूरे ना हुए हों। इससे उनमें आयरन की कमी, एलर्जी और डीहाइड्रेशन हो सकता है। आप अपने बेबी को गाय का दूध तभी दे सकती हैं जब वह पूरा 1 साल का हो जाए। पौष्‍टिक और फुल फैट वाला दूध बेबी के ब्रेन के लिये काफी अच्‍छा होता है। गाय के दूध में ढेर सारा कैल्‍शियम, विटामिन डी होता है जो कि बेबी के दांतों और हड्डियों के लिये काफी जरूरी होता है।

आप अपने बेबी को 8 महीने के बाद दही देना शुरु कर सकती हैं और फिर देंखे कि इससे उसे कोई एलर्जी ना शुरु हो। दही में सारे पौष्‍टिक तत्‍व होते हैं जैसे, प्रोटीन, फैट, कैल्‍शियम, पोटैशियम आदि। इससे उसका पेट भी हमेशा ठीक रहेगा। बेबी को फुल फैट मिल्‍क से तैयार वाला दही ही दें, जिससे उसके अदंर जरुरत भर का फैट समा पाए। दही सादी ही होनी चाहिये ना कि बाजार की फ्लेवर्ड वाली। अगर आपके बेबी को मिल्‍क एलर्जी, एक्‍जिमा या अस्‍थमा है तो उसे उम्र बढने के बाद ही दही का सेवन करवाएं क्‍योंकि कई बच्‍चों को डेयरी प्रोडक्‍ट से एलर्जी भी हो जाती है।

यदि आप अपने बच्‍चे को ब्रेस्‍टफीड या फिर फॉर्मूला का सेवन करवा रही हैं और उससे उसे कोई एलर्जी नहीं हो रही है तो आप उसे चीज़ भी खिला सकती हैं। आप चीज़ को 8 महीने के बाद खिलाना शुरु करें। आप इसे ब्रेड या सब्‍जियों में मिला कर खिला सकती हैं। आप उसे शकरकंद भी खिला सकती हैं। यदि आपकी फैमिली में कई लोंगो को दूध से एलर्जी रही है या होती है तो अपने बच्‍चे को कम से कम एक साल होने तक दूध के प्रोडक्‍ट ना दें। लेकिन अगर परिवार में एलर्जी की समस्‍या ना हो किसी को तो आप उसे दूध से बने प्रोडक्‍ट दे सकती हैं। अगर दूध के प्रोडक्‍ट तीन दिन लगातार देने के बाद तक आपका बच्‍चा स्‍वस्‍थ महसूस कर रहा है तो समझिये कि उसे दूध से किसी प्रकार की एलर्जी नहीं है।

सबसे पहले मूत्र की जांच करवाएं। अगर मूत्र में एमिनो एसिड या ब्लड प्लाज़्मा पाया जाता है, इसका मतलब आपका बच्चा इस रोग से पीड़ित है। हेपाटोमेगली के द्वारा भी इस रोग की जाँच की जाती है।ब्लड शुगर में असामान्य गिरावट से भी इस रोग को पहचान जाता है। पेट में तरल पदार्थ की उपस्थिति से भी इस रोग के इस रोग के होने की पुष्टि की जाती है।

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